
रुड़की:-भारत की पहली महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती लोकतांत्रिक जनमोर्चा द्वारा बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक संकल्प के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज को समानता,शिक्षा और संविधान की रक्षा का संदेश दिया गया। रुड़की के वार्ड नंबर 1 मलकपुर माजरा स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यमंत्री राव शेर मोहम्मद ने की। कार्यक्रम में माता सावित्रीबाई फुले व महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्रों तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर और संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड कांग्रेस अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष मदनलाल ने कहा कि 19वीं सदी में माता सावित्रीबाई फुले ने स्त्री अधिकारों,छुआछूत, सती प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर समाज को नई दिशा दी। महिला शिक्षा की अलख जगाकर उन्होंने पहला स्कूल खोला और सामाजिक चेतना का दीप प्रज्वलित किया। उनके इस मिशन को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान की रचना कर मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम संयोजक सुभाष सैनी ने सभी अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम का समापन सामाजिक समरसता, शिक्षा और समान अधिकारों के संकल्प के साथ हुआ जहाँ माता सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया गया।



