
रुड़की:- झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती और विद्युत विभाग के बीच शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े सियासी संग्राम में तब्दील हो गया है। विधायक द्वारा अधिकारियों के घरों की लाइट काटे जाने के बाद, जब विभाग ने पुलिस में तहरीर दी, तो कांग्रेस के तमाम दिग्गज विधायक एकजुट हो गए हैं। आज झबरेड़ा विधायक के कैंप कार्यालय पर हरिद्वार जिले के कांग्रेसी विधायकों ने प्रेस वार्ता कर सरकार और विभाग को सीधे तौर पर चेतावनी दी है।
झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती के समर्थन में आज कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन, पिरान कलियर विधायक हाजी फुरकान और भगवानपुर विधायक ममता राकेश ने एक सुर में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि क्षेत्र की जनता बिजली कटौती से परेशान है, लेकिन अधिकारी समस्याओं का समाधान करने के बजाय विधायकों को निशाना बना रहे हैं।जनता की आवाज उठाने पर अगर विभाग हमें डराने की कोशिश करेगा, तो हम डरने वाले नहीं हैं। बिजली कटौती से लोग त्रस्त हैं और अधिकारियों को जवाबदेह होना ही पड़ेगा।
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि यह लड़ाई अब सिर्फ झबरेड़ा तक सीमित नहीं रहेगी। अगर अधिकारियों के रवैये में सुधार नहीं हुआ और जनता को बिजली संकट से राहत नहीं मिली, तो तमाम विधायक एकजुट होकर देहरादून कूच करेंगे और सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे। पूर्व राज्यमंत्री गौरव चौधरी ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए इसे तानाशाही करार दिया। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि का काम जनता की समस्याओं को हल करना है। अगर अधिकारी मनमानी करेंगे, तो यह आंदोलन अब देहरादून की सड़कों पर दिखाई देगा हम सरकार को चैन से नहीं बैठने देंगे।विद्युत विभाग अपनी नाकामी छुपाने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा ले रहा है, लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता विधायकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है अब देखना होगा कि कांग्रेस की इस लामबंदी के बाद प्रशासन और विद्युत विभाग का क्या रुख रहता है।



