उत्तराखंड

बालाजी स्टूडियो पर CGST विभाग की छापेमारी, दस्तावेजों और कंप्यूटर की जांच…

ऋषिकेश।(ब्यूरो रिपोर्ट) ऋषिकेश के प्रतिष्ठित बालाजी स्टूडियो पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग की छापेमारी से शहर के बाजार में हलचल मच गई। जानकारी के मुताबिक, विभाग की टीम ने सुबह स्टूडियो में पहुंचकर जांच शुरू की। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्टूडियो में मौजूद कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। टीम ने स्टूडियो के विभिन्न हिस्सों में जांच-पड़ताल की और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्टूडियो में मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। साथ ही, कर्मचारियों के बाहर आने-जाने पर भी रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। टीम ने मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करने के साथ ही कंप्यूटर और लैपटॉप को भी अपने कब्जे में लिया। इन उपकरणों और दस्तावेजों की मदद से विभाग स्टूडियो के कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करेगा।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि शुरुआती जांच में कुछ कमियां सामने आई हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अब तक इन कमियों की प्रकृति और उनकी गंभीरता को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विभाग को किन बिंदुओं पर आपत्तियां मिली हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, छापेमारी की कार्रवाई सुबह शुरू हुई और देर रात तक विभागीय अधिकारी स्टूडियो में जांच में जुटे रहे। इस दौरान कर्मचारियों से गहन पूछताछ की गई। स्टूडियो के संचालक से भी सवाल-जवाब किए गए और कारोबार से जुड़े कई दस्तावेजों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया गया। विभागीय टीम स्टूडियो के रिकॉर्ड, कंप्यूटर और लैपटॉप में उपलब्ध जानकारियों का मिलान कर सकती है, ताकि वित्तीय लेन-देन और कर संबंधी विवरणों की पड़ताल की जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक कर अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम शामिल रही। छापेमारी के दौरान स्टूडियो के बाहर विभाग की कई गाड़ियां भी दिखाई दीं। इनमें देहरादून में पंजीकृत वाहनों के साथ उत्तर प्रदेश नंबर का एक वाहन भी शामिल बताया गया। खास बात यह रही कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस की भूमिका नजर नहीं आई।
बताया जा रहा है कि स्टूडियो की ग्राउंड फ्लोर पर गहन जांच की गई। इसके अलावा, ऊपर बने दूसरे कार्यालय में भी अधिकारियों ने दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल की। अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के व्यापारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई।
फिलहाल, बालाजी स्टूडियो पर CGST विभाग की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्षों का इंतजार है। विभाग की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने आने के बाद ही छापेमारी के कारणों, सामने आई कमियों और संभावित कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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